डीएम प्रभु एन सिंह इसकी वजह स्मार्ट सैंपलिंग बता रहे हैं। उनका कहना है कि सैंपल लक्षण वाले लोगों के ही लिए गए है । इससे उन्हें जल्दी उपचार मिल सका । संक्रमितों के परिजनों को मलेरियारोधी दवा खाने को दी गई। इससे वे संक्रमित होने से बचे रहे।ताजनगरी में अब तक 21541 लोगो के सैंपल लिए जा चुके हैं। 1210 कोरोना संक्रमित मिले हैं। इस तरह जांच में हर 18वां शख्स संक्रमित पाया गया है। संक्रमण की दर पांच फीसदी से ज्यादा पायी है।
कोविड वैक्सीन से मौतों का कोई सीधा संबंध नहीं — ICMR और AIIMS की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
क्या कोविड वैक्सीन से हो रही हैं अचानक मौतें? ICMR और AIIMS की रिपोर्ट में सच्चाई सामने आई कोविड-19 वैक्सीन और अचानक होने वाली मौतों के बीच कोई सीधा संबंध…







