आगरा में मानसून बीमारियां बेकाबू: बच्चों में फूड पॉइजनिंग, पीलिया और स्किन इंफेक्शन के मरीज दोगुने
Agra Live News 
आगरा: बारिश के मौसम में बच्चों की सेहत पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। गंदगी में बिकने वाले चाट-पकौड़ी, चाऊमीन और मोमोज बच्चों के लिए बीमारियों का कारण बन रहे हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग और त्वचा विभाग की ओपीडी में बीते दो हफ्तों में मरीजों की संख्या दो से ढाई गुना तक बढ़ गई है।
सड़कों पर बिक रहा फास्ट फूड बना बीमारियों की जड़
एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रामक्षितिज शर्मा ने बताया कि बरसात में बैक्टीरिया और वायरस तेजी से सक्रिय हो जाते हैं, जिससे खाना और पानी दूषित हो जाता है। ओपीडी में आने वाले 50–55% मरीज बुखार, पेट दर्द, उल्टी-दस्त की समस्या लेकर आ रहे हैं।
जांच में सामने आया है कि अधिकतर बच्चों ने बाजार में गंदगी के बीच बिक रही चाट, मोमोज या चाऊमीन खाई थी, जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ी। अब तक 10–12 बच्चों को पीलिया हो चुका है, जिनमें से 3–5 को भर्ती करना पड़ा।
त्वचा रोगों में ढाई गुना बढ़ोतरी
डॉ. यतेंद्र चाहर, विभागाध्यक्ष, त्वचा रोग विभाग, ने बताया कि बारिश और उमस से फंगल इंफेक्शन, खुजली, लाल दाने जैसे मामलों में भारी बढ़ोतरी हुई है। हाल ही में ओपीडी में 297 मरीज आए, जिनमें से अधिकतर को जांघ, बगल, गर्दन और पीठ पर फंगल संक्रमण मिला।
खुजली करने से घाव और इंफेक्शन और बढ़ रहा है, जिससे बच्चों को रोजमर्रा की गतिविधियों में परेशानी हो रही है।
विशेषज्ञों की चेतावनी: हर दूसरा बच्चा बीमार
इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अरुण जैन ने कहा कि “हर दूसरा बच्चा फूड पॉइजनिंग, डायरिया या पीलिया की चपेट में आ रहा है। इसका मुख्य कारण गंदगी में बना स्ट्रीट फूड है, जो बच्चों की पाचन क्रिया को नुकसान पहुंचा रहा है।”
🔹 बचाव के लिए रखें इन बातों का ध्यान:
बच्चों को आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक, ठंडी चीजें न दें।
स्कूल से लौटते ही ठंडा पानी न पिलाएं।
उबला हुआ पानी ही पिलाएं।
बाजार का खाना टालें, घर का ताजा खाना ही दें।
बच्चों को साफ कपड़े पहनाएं, गीले कपड़े न पहनने दें।
मच्छरों से बचाने के लिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनाएं।
खाने से पहले हाथ धुलवाना जरूरी बनाएं।
















































